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प्रशंसापत्र

केस अध्ययन विधि का अद्वितीय अध्यापन मेरे लिए एक नई अवधारणा है। यह भागीदारी सीखने का एक तार्किक उदाहरण है। अधिकांश केस वास्तविक जीवन के केस हैं,  इन्हें समझना काफी आसान है और इनको वास्तविक जीवन की स्थितियों से संबंधित किया जा सकता है।

-पाराशर विनायक पीजीपी-एबीएम पूर्व छात्र 

यहाँ आईआईएमए में, हर समस्या को सीखने और प्रतिबिंबित करने के अवसर के रूप में देखा जाता है। प्रतिष्ठित प्रोफेसरों की सरासर उपस्थिति आपकी विचार प्रक्रिया को बढ़ावा देती है और यहाँ मानक इतने ऊंचे हैं कि हम स्पष्ट सीमाओं से परे सोचने पर मजबूर होते हैं।

- अनुराग द्विवेदी पीजीपी-एबीएम पूर्व छात्र

आईआईएम-ए में, मैंने सीखा है कि एक क्षेत्र में मेरी विशेषज्ञता होने पर मुझे अन्य क्षेत्र में सहायता लेने में नहीं चूकना चाहिए, जिसमें मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। पूरा विचार यह है कि सुधार के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में पता होना चाहिए और फिर एक समय में एक के नियमित आधार पर तब तक काम करना चाहिए, जब तक वे ताकत में तब्दील नहीं हो जाएं"
- ध्यानेश भट्ट पीजीपी-एबीएम पूर्व छात्र

शब्द अनुप्रयोग पहले ही दिन से शुरू होता है, केस आधारित अध्ययन, जीवंत परियोजनाएँ और अनुकार खेल हमें एक वास्तविक जीवन स्थितियों में कौशल का प्रयोग का करने का मौका देते हैं।"

- मोहित मैनी पीजीपी-एबीएम पूर्व छात्र

दैनिक तैयारी और कार्य की कठोरता इतनी होती है ...कि हम वास्तव में परीक्षा के लिए समय की प्रतीक्षा करते हैं कि कुछ खाली समय मिले। अब मेरे लिए यह आश्चर्य नहीं है कि अगर समूह कार्य के लिए बैठक का समय 4 बजे रखा गया है, तो मेरे समूह के सदस्य मुझसे पूछते हैँ ... सुबह या शाम? यही आईआईएम-ए है "

हितेश गोसाई पीजीपी-एबीएम पूर्व छात्र

पीजीपी-एबीएम कार्यक्रम हममें से हर एक में कृषि विज्ञान में हमारी शैक्षिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि बढ़ाने के लिए व्यापार दक्षता बढ़ाता है। यह पाठ्यक्रम समग्र दृष्टिकोण लाने के लिए सभी कार्यात्मक क्षेत्रों की बाधाओं को दूर करता है और कृषि संबंधित क्षेत्रों पर ठोस नींव के साथ प्रबंधकों के एक प्रबंधकीय कैडर के विकास पर केंद्रित है। डार्विन ने कहा था: "यह नहीं है कि प्रजातियों में सबसे मजबूत वही है जो जीवित है, न ही सबसे बुद्धिमान, बल्कि बदलाव के लिए सबसे अधिक तैयार है।" पीजीपी-एबीएम प्रोग्राम ने मेरे लिए अवसरों की खिड़की खोल दी है, इसने कृषि विकास और औद्योगिक उत्पादकता हासिल करने के लिए भारत की खाद्य अधिशेष अर्थव्यवस्था की नई स्थिति से उत्पन्न अवसरों को भुनाने में मेरी मदद की है। "

श्वेता परेरा पीजीपी-एबीएम पूर्व छात्र