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संकाय

 

विशिष्ट अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए युवा प्रोफेसर पुरस्कार, 2011

 

शासी मंडल, आई आई एम-ए के अध्यक्ष डॉ. विजयपत सिंघानिया द्वारा 25 मार्च, 2011 के दिन आर जे एम सी ई आई सभागार में आयोजित दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह में प्रोफेसर आनंद कुमार जायसवाल को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।

2006 के आई आई एम-ए क्लास द्वारा संस्थापित, गणमान्य अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए युवा प्रोफेसर पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और प्रकाशन के माध्यम से ज्ञान की नई सीमाएँ बनाने की दृष्टि को आगे बढ़ाना है।

2006 के आई आई एम-ए क्लास द्वारा संस्थापित, गणमान्य अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए युवा प्रोफेसर पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और प्रकाशन के माध्यम से ज्ञान की नई सीमाएँ बनाने की दृष्टि को आगे बढ़ाना है।

साधारणतया यह पुरस्कार प्रतिवर्ष एक प्राप्तकर्ता को दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह के हिस्से के रूप में दिया जाता है। पुरस्कार में एक रजत पट्टिका और एक 2,50000 रू. नकद घटक शामिल होते हैं।

शोध प्रकाशन की सफलता के लिए मापदंड, अन्य बातों के साथ निम्नलिखित कारकों से निर्धारित किये जाते हैं:
  • शोध के परिणामों का मूल्यांकन करने में उनके अनुभव के आधार पर पुरस्कार पैनल का निर्णय।
  • जलीय कृषि प्रणाली आधारित मूल्यांकन: प्रशस्ति पत्र विज्ञान के डेटाबेस पर आधारित वैज्ञानिक विश्लेषण है जिसकी संबंधी जानकारी संस्थान के वेबसाइट पर है।
  • प्रकाशन के अलावा पत्रिका के प्रभाव के विस्तार के अन्य संभवित तरीके।
  • जिन सम्मेलनों में अनुसंधान के परिणाम प्रस्तुत किये गये वहाँ के प्रतिभाव, अगर कोई हैं तो।
2011 की पुरस्कार समिति में निम्नलिखित शामिल थे -
  1. श्री हसित जोषीपुरा, उपप्रमुख-दक्षिण अफ्रिका और प्रबंध निदेशक-भारत ग्लेक्सोस्मिथक्लिन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (भूतपूर्व छात्र पीजीपी)।
  2. प्रोफेसर महेन्द्र गुजराती, लेखांकन प्रोफेसर-बेंटले विश्वविद्यालय, वाल्थेम, एमए, यूएसए।
  3. प्रोफेसर अजय पांडे, डीन (संकाय), आईआईएम-ए।
पुरस्कार समिति ने प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत प्रकाशनों से नामांकन की जाँच की। समिति ने सर्वसम्मति से प्रोफेसर आनंद कुमार जायसवाल को गणमान्य रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए युवा प्रोफेसर पुरस्कार वर्ष 2011 के लिए देने का फैसला किया।

अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार, 2010


आर जे एम सीई आई सभागार में 26 मार्च, 2010 को आयोजित दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह में निदेशक श्री समीर के बरुआ द्वारा यह पुरस्कार प्रोफेसर अमित गर्ग को दिया जा रहा है।
2006 के आई आई एम-ए क्लास द्वारा संस्थापित, रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर अवार्ड का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और प्रकाशन के माध्यम से ज्ञान की नई सीमाएँ बनाने की दृष्टि को आगे बढ़ाना है।

साधारणतया यह पुरस्कार प्रतिवर्ष एक प्राप्तकर्ता के लिए दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। पुरस्कार में एक रजत प्लेट और एक 2,50000 रू. नकद घटक शामिल होते हैं, जो पुरस्कार की प्रस्तुति के समय वितरित किये जाते हैं।

पुरस्कृत होने वाला व्यक्ति आई आई एम अहमदाबाद में पूर्णकालीन संकाय सदस्यों में से एक होता है, जिसकी आयु पुरस्कार दिये जाने वाले वर्ष के पहले दिन 45 वर्ष से कम होनी चाहिए।

शोध प्रकाशन की सफलता के मापदंड, अन्य बातों के साथ निम्नलिखित कारकों से निर्धारित किये जाते हैं :
• शोध के परिणामों का मूल्यांकन करने में अपने अनुभव के आधार पर पुरस्कार पैनल का निर्णय।
• जलीय कृषि प्रणाली आधारित मूल्यांकन: प्रशस्ति पत्र विज्ञान के डेटाबेस पर आधारित वैज्ञानिक विश्लेषण है जिसकी संबंधी जानकारी संस्थान के वेबसाइट पर है।
• अन्य प्रकाशनों के अलावा पत्रिका के प्रभाव का गेज तरीके से अन्य संभावना।
• जिन सम्मेलनों में शोध परिणाम प्रस्तुत किए गए उनकी प्रतिक्रिया, अगर कोई हो तो।

वर्ष 2010 के लिए पुरस्कार समिति -

1. श्री अशांक देसाई, अध्यक्ष, मास्टेक लिमिटेड (पूर्व छात्र - पी जी पी, आई आई एम-ए)
2. प्रोफेसर महेन्द्र गुजराती, लेखांकन प्रोफेसर, बेंटले विश्वविद्यालय, वाल्थेम, अमरीका
3. प्रोफेसर बी एच जाजू, डीन, आई आई एम-ए

इस समिति ने प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत प्रकाशनों से नामांकन की जांच की। समिति ने सर्वसम्मति से अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार, वर्ष 2010 के लिए प्रोफेसर अमित गर्ग को देने का फैसला किया।
 

 रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार, 2009

 

faculty3यह पुरस्कार आर जे एम सीई आई सभागार में शुक्रवार, 27 मार्च,2009 के दिन दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह में अध्यक्ष डॉ. विजयपत सिंघानिया के द्वारा प्रोफेसर प्रेमिला डी क्रूज़ और प्रोफेसर एर्नेस्टो नोरोन्हा को दिया गया।

2006 के आई आई एम-ए क्लास द्वारा संस्थापित, रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर अवार्ड का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और प्रकाशन के माध्यम से ज्ञान की नई सीमा बनाने की दृष्टि आगे बढ़ाना है।

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष एक प्राप्तकर्ता को दीक्षांत समारोह की पूर्व संध्या समारोह के हिस्से के रूप में सामान्य रूप से दिया जाता है। पुरस्कार में एक रजत प्लेट और एक 2,50,000 रुपये के नकद घटक के रूप में पुरस्कार की प्रस्तुति के समय वितरित किया जाता है।

पुरस्कृत व्यक्ति आई आई एम अहमदाबाद में पूर्णकालीन संकाय सदस्यों में से एक होता है, जिसकी आयु पुरस्कार दिये जाने वाले वर्ष के पहले दिन 45 वर्ष से कम होनी चाहिए।

शोध प्रकाशन की सफलता के लिए मापदंड, अन्य बातों के साथ निम्नलिखित कारकों द्वारा निर्धारित किये जाते है:

शोध के परिणामों का मूल्यांकन करने में अपने अनुभव के आधार पर पुरस्कार पैनल का निर्णय।

• जलीय कृषि प्रणाली आधारित मूल्यांकन: साइंस डेटाबेस के वैज्ञानिक सूचना वेब संस्थान आधारित प्रशस्ति पत्र विश्लेषण।
• प्रकाशनों के अलावा पत्रिका के प्रभाव का पैमाना तय करने के लिए अन्य संभवित तरीके।
• जिन सम्मेलनों में शोध परिणाम प्रस्तुत किए गए उनकी प्रतिक्रिया, अगर हो तो।

वर्ष 2009 के लिए पुरस्कार समिति -

1. श्री अशांक देसाई, अध्यक्ष, मास्टेक लिमिटेड (पूर्व छात्र-पीजीपी, आईआईएम-ए)
2. प्रोफेसर एस राजगोपालन, मार्शल स्कूल ओफ बिजनेस, दक्षिण केलिफोर्निया विश्वविद्यालय।
3. प्रोफेसर बी एच जाजू, डीन, आई आई एम-ए ।

इस समिति ने प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत प्रकाशनों से नामांकन की जांच की। समिति ने सर्वसम्मति से वर्ष 2009 के लिए अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार प्रोफेसर प्रेमिला डी क्रूज़ प्रोफेसर एर्नेस्टो नोरोन्हा को संयुक्त रूप से देने का फैसला किया।
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 रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार, 2008 

 

faculty2
प्रोफेसर सतीष देवधर
आई आई एम-ए क्लास, 2006 द्वारा सम्मानित और संस्थापित
पुरस्कार विवरण: यह पुरस्कार आई आई एम अहमदाबाद के पूर्णकालिक संकाय के लिए है, जिसकी आयु पुरस्कार दिये जाने वाले वर्ष के पहले दिन 45 साल से कम होनी चाहिए।
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष एक प्राप्तकर्ता को दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह के हिस्से के रूप में सामान्य रूप से दिया जाता है। पुरस्कार में एक रजत पट्टिका और एक 2,50,000 रू. नकद घटक होते हैं, जो पुरस्कार की प्रस्तुति के समय वितरित किया जाता है।
शोध प्रकाशन की सफलता के लिए मापदंड, अन्य बातों के साथ निम्नलिखित कारकों द्वारा निर्धारित किये जाते हैं:
• शोध परिणामों के मूल्यांकन में अपने अनुभव के आधार पर पुरस्कार पैनल का निर्णय।
• जलीय कृषि प्रणाली आधारित मूल्यांकन : सायन्स डेटाबेस के वैज्ञानिक सूचना वेब संस्थान पर आधारित प्रशस्ति पत्र विश्लेषण।
• प्रकाशनों के अलावा पत्रिका के प्रभाव का अनुमान करने के लिए अन्य संभवित तरीके।
• जिन सम्मेलनों में शोध परिणाम प्रस्तुत किये गए, उनकी प्रतिक्रिया, अगर कोई हो तो।

वर्ष 2008 के लिए पुरस्कार समिति में शामिल थे -
1. श्री अशांक देसाई, अध्यक्ष, मास्टेक लिमिटेड (भूतपूर्व छात्र - पीजीपी) ।
2. प्रोफेसर एस राजगोपालन, मार्शल स्कूल ओफ बिज़नेस, दक्षिण केलिफोर्निया विश्वविद्यालय।
3. प्रोफेसर जयंत आर वर्मा, डीन, आई आई एम-ए।
इस समिति ने प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत प्रकाशनों के साथ ही नामांकन की जाँच की। समिति ने सर्वसम्मति से वर्ष 2008 के लिए अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार प्रोफेसर सतीष देवधर को देने का निर्णय किया।
पुरस्कार शुक्रवार, 28 मार्च, 2007 को दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह के दौरान पेश किया गया।

 रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए गणमान्य युवा प्रोफेसर पुरस्कार, 2007

 

faculty4 प्रोफेसर दिप्तेश घोष
 

आई आई एम-ए क्लास, 2006 द्वारा सम्मानित और संस्थापित।
पुरस्कार विवरण: यह पुरस्कार आई आई एम-ए के पूर्णकालिक संकाय को दिया जाता है, जिसकी आयु पुरस्कार दिये जाने वाले वर्ष के पहले दिन 45 साल से कम होनी चाहिए।

वर्ष 2007 के लिए पुरस्कार समिति में शामिल थे -
1. श्री अशांक देसाई, अध्यक्ष, मास्टेक लिमिटेड (भूतपूर्व छात्र - पी जी पी)।
2. प्रोफेसर कृष्ना कुमार, निदेशक, आई आई एम-कोझीकोड (भूतपूर्व छात्र - एफ पी एम)।
3. प्रोफेसर जयंत आर वर्मा, डीन, आई आई एम-ए।
इस समिति ने नामांकन के साथ ही प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत प्रकाशनों की जांच की। समिति ने सर्वसम्मति से प्रोफेसर दिप्तेश घोष को पुरस्कार देने का फैसला किया।
पुरस्कार शुक्रवार, 30 मार्च, 2007 को दीक्षांत पूर्व संध्या समारोह के दौरान पेश किया गया।