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 कार्यक्रम

संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपीएक चार महीने का आवासीय कार्यक्रम है, जो विशेषरूप से प्रबंधनशिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के संकाय सदस्यों केलिए तैयार किया गया है। प्रथम एफडीपी 1979 में प्रस्तुत किया गया था। तब से, प्रबंधन शिक्षकों के विकास की उभरती आवश्यकताओं को देखते हुए एफडीपी को लगातार संशोधित और पुनःसंरचित किया जा रहा है। 35 वाँ एफडीपी  10 जून 2013 से  28 सितंबर,  2013 तक आयोजित किया जायेगा। इस एफडीपी के पूर्व छात्र नेटवर्क में नेपालबांग्लादेशमालदीव, श्रीलंका और इथियोपिया से 80 प्रबंधन शिक्षकों सहित 664 सदस्य हैं। ये सदस्य प्रबंधन शिक्षा की  गुणवत्ता  के सुधार के लिए  काफी योगदान करते आ रहे हैं।


प्रतिभागी क्या उम्मीद कर सकते हैं
?

इस कार्यक्रम का उद्देश केवल प्रतिभागियों में शैक्षणिक और अनुसंधान कौशल विकसित करना है अनिवार्य पाठ्यक्रम का पैकेज शिक्षण और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाता है, और वैकल्पिक पाठ्यक्रम का एक सेट उनके हित के क्षेत्रों में प्रतिभागियों के ज्ञान में सुधार लाता है।

35वाँ एफडीपी 10 जून 2013 28 सितम्बर 2013 तक आयोजित किया जाएगा। 

"पढ़ाने के लिए सीखो और सीखाने के लिए पढ़ो" यही हमने वास्तव में आईआईएम-ए में आकर एफडीपी से जाना है। एक स्पष्ट कार्यक्रम संरचना, समृद्ध सामग्री, प्रतिभागियों के साथ चल रहे संचार और संकाय की मांग आदि ने इस कार्यक्रम से हम में से प्रत्येक को एक अद्वितीय अनुभव मिला है वास्तवमें आईआईएम-ए में अपने सभी कार्यक्रमों में सब संस्थागत होने लगते हैं। एफडीपी से पूरे छात्र और शिक्षक समुदाय को लाभ होता है। इसलिए मैं इसे सिर्फ संस्था निर्माण ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण भी कहूँगा।"
उमेश धांड (32वाँ एफडीपी)



 "व्यक्तिगत परिवर्तन के लिए एफ़डीपी एक चौकाने वाला मंच है। यह ज्ञान के सागर में डुबकी लगाने के लिए एक अवसर प्रदान करता है। यह कार्यक्रम  भविष्य पर ध्यान केंद्रित करता है। यह सुनियोजित, अध्यापन कार्यक्रम है जिसे अनुभवी और उत्साही संकाय सदस्यों ने महान शिक्षण के लिए तैयार किया है, जिसने मेरे जीवन को प्रकाशित कर दिया है।  मेरे ज्ञानोदय, संवर्धन और सशक्तिकरण के लिए आपका धन्यवाद।" राखी गुप्ता (33 एफ़डीपी

अध्यक्ष का संदेश