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अनुसंधान सिंहावलोकन 

आई आई एम-ए अपनी प्रतिष्ठा के लिए इसके संकाय की असाधारण क्षमता का ज्यादा ऋणी है। संस्थान अपने आप में पर्याप्त शैक्षिक दृढ़ता, उत्कृष्टता के स्वीकारे हुए मानकों और सामाजिक रूप से उत्तरदायी तरीकों से युक्त स्वतंत्रता का माहौल बनाने पर गर्व करता है।

संकाय स्वेच्छा से विद्यार्थियों से खुद के लिए मूल्यांकन प्रतिक्रिया के एक अनूठे, सख्त, खुले, अभिप्राय व सूचनाओं की सतत प्रक्रिया की अपेक्षा रखते हैं। इससे संकाय पाठ्यक्रम सामग्री और वितरण तंत्र के लिए सक्षम बनता है। समितियों के एक किस्म के माध्यम से, संकाय संस्थान के शासन में भी भूमिका निभाते हैं और सामूहिक निर्णयों का कुल स्वामित्व ग्रहण करते हैं।

अनुसंधान आई आई एम-ए के मूल में है और व्यापक शैक्षिक और व्यापार जगत के साथ एक प्रमुख अंतर फलक प्रदान करता है। यह नई सैद्धांतिक चौखट प्रदान करता है, जो कि मौजूदा तरीकों और सोच के पुनर्मूल्यांकन और शोधन की क्षमता देता है। शिक्षकों द्वारा अंतःविषय अनुसंधान से संस्थान में प्रत्यक्ष सीखने के माहौल में बढ़ावा मिलता है और परोक्ष रूप से प्रबंधकों और प्रबंधन के शिक्षकों को भी अभ्यास में व्यापक बढ़ावा मिलता है।

अनुसंधान की प्रासंगिकता, विस्तार और गहनता के लिए उच्चस्तर से ध्यान दिया जाता है। केन्द्रित क्षेत्रों में सामाजिक विपणन, उत्पादकता, महिलाओं के मुद्दे, मानव संसाधन विकास, अनुकूलन मॉडल, संगठनात्मक बोध, संस्था निर्माण, प्रबंधन और नेतृत्व उत्कृष्टता, और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन शामिल हैं।

हालाँकि कुछ अनुसंधान आंतरिक रूप से संचालित है, लेकिन कई परियोजनाएँ फोर्ड फाउंडेशन, संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व बैंक, एन सी ई आर टी, योजना आयोग, केंद्रीय और राज्य मंत्रालय, औद्योगिक एजेंसियाँ जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा वित्त पोषित और आयोजित की जाती हैं।


अनुसंधान और प्रकाशन समिति

अनुसंधान एवं प्रकाशन समिति समग्र संस्थान के अनुसंधान और प्रकाशन गतिविधियों शासी नीतियों के निर्माण के लिए जिम्मेदार है। यह समिति संकाय के द्वारा प्रस्तुत किये गये अनुसंधान और प्रकाशन के प्रस्ताव लेती है अथवा उसे संस्थान समिति से संदर्भित करती है तथा परियोजनाओं के लिए सहायता की वित्तीय और अन्य प्रकार की सिफारिशें करती है। समिति प्रस्तावों को सिर्फ आलोचनात्मक रूप से ही जाँच नहीं करती, बल्कि जहाँ भी संभव हो वहाँ शोधकर्ताओं को उनकी परियोजना प्रस्तावों और योजनाओं में सुधार के लिए सुझावों के साथ मदद भी करती है।

अध्यक्ष संस्थान में शोध गतिविधियों के विकास के लिए निदेशक के लिए जिम्मेदार है। अध्यक्ष से संकायों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए, अनुसंधान नीति को निर्मित व लागू करने, व स्थापित करने के लिए पहल करता है और उससे अनुसंधान सुविधाएँ, योजना बजट का विकास करने तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रायोजित करने की अपेक्षा की जाती है।

अनुसंधान एवं प्रकाशन समिति मामला अनुसंधान और संगोष्ठी अनुसंधान सहित वर्ष के दौरान संस्थान में कुल अनुसंधान गतिविधियों पर एक वार्षिक रिपोर्ट तैयार करता है। यह एक तिमाही अनुसंधान समाचार पत्र भी प्रकाशित करती है।