Logo text

होम » प्राध्यापक एवं अनुसंधान » क्षेत्र (एरिया) और समूह » सार्वजनिक प्रणाली समूह

सार्वजनिक प्रणाली समूह


सार्वजनिक प्रणाली समूह के व्यापक उद्देश्य इस तरह से हैं
:

  • संस्थान को मदद करने के लिए सार्वजनिक प्रणालियों के क्षेत्रों में उत्तरदायी और अग्रीम भूमिका निभाना।
  • ऐसे अनुसंधान को बढ़ावा देना जिसमें सार्वजनिक प्रणालियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए नयी अवधारणाएँ और सिद्धांत उत्पन्न करे।
  •  सार्वजनिक प्रणालियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रबंधकीय कौशल और दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रबंधकों और प्रशासकों को अवसर प्रदान करना।
पी एस जी अंतर-शिक्षणात्मक संकाय सदस्यों के एक समूह का बना होता है। हमारे मौजूदा अनुसंधान के हितों में ऊर्जा और पर्यावरण, स्वास्थ्य प्रबंधन एवं अवसंरचना विकास हैं। हमारी गतिविधियों में अनुसंधान और परामर्श, साथ साथ प्रबंधन विकास कार्यक्रम में समन्वय और शिक्षण, एफ़ पी एम और पी जी पी शामिल हैं।

उर्जा एंव पर्यावरण
     
नीति अनुसंधान भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, उद्योग संघों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ घनिष्ठ संपर्क में किया जाता है। अनुसंधान के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में दीर्घकालिक ऊर्जा और उत्सर्जन परिदृश्य मॉडलिंग, वैश्विक पर्यावरण वार्ता, प्रौद्योगिकी रणनीति, पर्यावरण जोखिम मूल्यांकन, पर्यावरण पर आर्थिक सुधारों के निहितार्थ शामिल हैं। हमारे पास पर्यावरण विज्ञान और नीति केंद्र, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, म्यूनिख, जर्मनी के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएँ चल रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषी एजेंसियाँ जो कि हमारी गतिविधियों का समर्थन कर रही हैं, उनमें यूएनईपी, एशिया प्रशांत नेटवर्क और यूएनडीपी शामिल हैं।

स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन 

पी एस जी में गतिविधियाँ 1970 के अंत में हमारी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर अनुसंधान के साथ ध्यान केंद्रित करके शुरू कर दी गयी थी। हमने हमारी अनुसंधान गतिविधियों का विस्तार 80 के दशक में गौण स्वास्थ्य सेवाओं में प्रबंधन और 90 के दशक में अस्पताल प्रबंधन के साथ शामिल है। आज, इस क्षेत्र में हमारी भागीदारी पूरे प्राथमिक स्पेक्ट्रम, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही साथ स्वास्थ्य बीमा, स्वास्थ्य सूचना आदि संबंधित क्षेत्रों को शामिल करती है। हमारे पास नुफिल्ड स्वास्थ्य संस्थान, लीड्स विश्वविद्यालय, इंग्लैंड, के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजना जारी हैं। अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषी एजेंसियाँ जो कि हमारी गतिविधियों का समर्थन करती हैं, उनमें ब्रिटिश काउंसिल, डीएफआईडी, रॉयल नीदरलैण्ड दूतावास, डीएएनआईडीए, विश्व बैंक, यूरोपीय आयोग, मैकआर्थर फाउंडेशन, जॉनसन एंड जॉनसन आदि शामिल हैं।

IIMA [ Indian Institute of Management  Ahmadabad ]

बुनियादी सुविधाओं का विकास
   
संकाय सदस्यों के एक समूह ने 90 के दशक में बुनियादी सुविधा के प्रबंधन में विभिन्न मुद्दों पर काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बुनियादी सुविधा का विकास और वित्तपोषण ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें राष्ट्र के प्रतियोगी लाभ को बढ़ाने के लिए ध्यान देने की जरूरत है। बुनियादी सुविधा विकास और वित्तपोषण कंपनी (आईडीएफसी) के प्रायोजन के तहत आईआईएम- ने आईडीएफसी और आईआईटी, कानपुर के साथ मिलकर एक अनुसंधान नेटवर्क बनाने के लिए टीम तैयार की, जो थ्रीआईनेटवर्क के नाम से जानी जाती है। हम नीति और फर्म दोनों स्तर से और बिजली बोर्ड, विद्युत निगमों, बंदरगाह, रेलवे, हवाई अड्डों, दूरसंचार ऑपरेटरों, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, विश्व बैंक संस्थान, आदि जैसे विभिन्न बुनियादी क्षेत्रों और संगठनों के साथ काम कर रहे हैं। अनुसंधान परियोजनाओं को करने के अलावा थ्रीआई नेटवर्क की निरंतर गतिविधि वार्षिक इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट निकाल रही है।

एरिया सदस्य

प्राथमिक सदस्य

प्रोफेसर अमित गर्ग  Turn on JavaScript!

प्रोफेसर अंकुर सरीन  Turn on JavaScript!

  

प्रोफेसर पी आर शुक्ल  Turn on JavaScript!

प्रोफेसर के वी रमणी  Turn on JavaScript!

 

गौण सदस्य

प्रोफेसर गौतम दत्त  Turn on JavaScript!

प्रोफसर मणिकुट्टी एस  Turn on JavaScript!

 

प्रोफ़ेसर टी पी रामाराव  Turn on JavaScript!

प्रोफ़ेसर रवीन्द्र धोलकिया  Turn on JavaScript!

 

प्रोफ़ेसर रेखा जैन  Turn on JavaScript!

प्रोफ़ेसर सिद्धार्थ सिन्हा  Turn on JavaScript!