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परामर्श


सिंहावलोकन

आई आई एम-ए में परामर्श को, संकाय के लिए एक गतिशील सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है। यह उन्हें अभ्यासुओं के साथ अपने दृष्टिकोण को बाँटने का अवसर प्रदान करता है तथा ग्राहकों द्वारा नया सीखने एवं व्यवहारिकता में योगदान देता है। परामर्श वास्तविक जीवन में प्रबंधकीय समस्याओं के संपर्क में संकाय को लाता है, और इस प्रकार बहुत असरकारक रूप से शिक्षण और अनुसंधान को सम्पन्न बनाता है।

आई आई एम-ए में परामर्श को कई मानदंडों द्वारा निर्देशित किया गया है:

  • परामर्श एक शैक्षिक गतिविधि है। परियोजनाओं पर तभी विचार किया जाता है जब उनमें एक निश्चित सीखने का मूल्य होता है।
  • संकाय सदस्य  परामर्श परियोजनाओं की माँग नहीं कर सकता है।
  • परामर्श पर व्यय होने वाला कुल समय स्वेच्छा अनुसार एवं सीमित है, जिससे वे अन्य शैक्षणिक जिम्मेदारियाँ  भी निभा सकें।

सामान्यतया आई आई एम-ए संकाय सदस्य एक साल में विभिन्न विषयों पर 60 नई परामर्श परियोजनाएँ शुरू करते हैं। कुछ संकाय ग्राहकों की विशिष्ट समस्याओं पर सलाह देने में शामिल हैं तो दूसरे संकाय प्रशिक्षण के उपायों में शामिल होते हैं। अभी भी विशिष्ट परियोजनाओं या कार्यक्रमों के मूल्यांकन में दूसरों की आवश्यकता है।

आई आई एम-ए संकाय ग्राहकों की एक विस्तृत श्रृंखला की सेवा करता है। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के निगम, वित्तीय संस्थान सरकारी एजेंसियाँ और विभाग सहकारी समितियाँ शामिल हैं, लेकिन विश्व बैंक और एफ ए ओ जैसी मुनाफा वसूली संस्थान या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ शामिल नहीं हैं।

परामर्श परियोजनाओं का एक विश्लेषण एक प्रभावशाली कौशल के बड़े समूह का निर्माण दर्शाता है। ऐसा इसलिए है कि विभिन्न ग्राहक संगठनों की अलग अलग आवश्यकताएँ होती हैं। आई आई एम-ए के अनुभव के आधार पर एक व्यापक वर्गीकरण निम्न रुझान दिखाता है :

आई आई एम-ए के अनुभव के आधार पर एक व्यापक वर्गीकरण निम्न रुझान दिखाता है
  •  सरकारी परामर्शी सेक्टर और / अथवा परियोजना निष्पादन पर ध्यान केन्द्रित करते हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र परामर्शी कार्यक्रम और / या ग्राहक के प्रदर्शन पर केन्द्रित होते हैं।
  •  सहकारिता परामर्शी सदस्य और / या संस्थागत निष्पादन पर केन्द्रित होते हैं।