Logo text

होम » कॉर्पोरेट » भर्ती » आई आई एम ए से ही भर्ती क्यों


आई आई एम-ए से ही भर्ती क्यों

बुद्धि, अभियान, महत्वाकांक्षा, नेतृत्व, उद्देश्य की भावना, परिवर्तन के प्रति अनुकूलनशीलताआप जिन गुणवत्ता को काम के पहले से ही ढूँढ़ रहे हैं, उन्हीं गुणों को संस्थान छात्रों के चयन में देखकर अपनाता है।

आईआईएम- का मानना है कि यह अपने छात्रों के संयोजन और अपने संकायों, शैक्षणिक कठिनता और चहुंमुखी विकास, व्यापक पाठ्यक्रम और जिस तरह यहाँ पढ़ाया जाता है इन्ही सभी संयोजनों से अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय नियोक्ताओं के लिए पसंदगी योग्य संस्थान बनता है।

भारत के श्रेष्ठ बी-स्कूल से भर्ती करने के कई कारण हैं। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं :

1. आप प्रवेश स्तर पर, मध्यम प्रबंधन स्तर पर और वरिष्ठ और शीर्ष प्रबंधन स्तर पर कॉर्पोरेट और सार्वजनिक प्रबंधन भूमिकाओं के लिए भर्ती कर सकते हैं।

2. पीजीपी कार्यक्रम में, 100,000 आवेदकों के 0.3% से कम की भर्ती की गई हैं, पीजीपीएक्स कार्यक्रम में तीसरे बैच के लिए चयनात्मकता 1:14 थी, जो दुनिया में सबसे अच्छे बी-स्कूलों के साथ अच्छी तरह से तुलना करती है।

3.सभी अर्थशास्त्री प्रवेश पाने में हार्वर्ड से भी बढ़कर दुनिया की सबसे बड़े कठिन बी - स्कूल के रूप में इस संस्थान को रैंक देते हैं।

4.एक वर्ष में अभी भी तीन भारतीय बी - स्कूलों को एक साथ रखा जाए, उस हिसाब से भी इसे अंतरराष्ट्रीय प्रदान करता है। 

5.दुनिया के प्रमुख निवेश बैंकों में से तो कुछ भारत में कहीं भी भर्ती नहीं करते।

6.इस संस्थान को हमेशा से एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे अच्छे तीन स्कूलों में स्थान दिया गया है।

7.अपने कार्यक्रमों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। 

संस्थान सभी विषयों और पृष्ठभूमि से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को खींच लेता है। ये देश में सबसे अच्छे इंजीनियरिंग और कुलीन कला महाविद्यालय स्कूलों से आते हैं, और हमेशा एक असाधारण अकादमिक रिकॉर्ड के अलावा व्यावसायिक या पाठ्येतर उपलब्धि का एक इतिहास उनके पास होता है। एक वर्षीय कार्यक्रम के प्रतिभागी (पीजीपीएक्स और पीएमपी) दुनिया भर से अनुभव की एक सम्पत्ति लेकर आते हैं।

इसके बदले में सबसे अच्छी कंपनियों को आकर्षित करने में ये सफल होते हैं। भारत में आईआईएम- केवल ऐसा बी - स्कूल है, जहाँ गोल्डमैन साक्स, मॉर्गन स्टेनली, मेरिल लिंच, सिटीग्रुप एसेट मैनेजमेंट और यूबीएस वारबर्ग गर्मी और अंतिम भर्ती के लिए आए दिन आती रहती हैं। इसके अलावा प्रविष्टि स्तर की नौकरी, बिजनेस यूनिट प्रमुखों, सीएक्सओ, महाप्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को परिसर से भारत और विदेशों में विभिन्न कंपनियों के लिए काम पर रखा जाता है।

इसके बदले में हमें ऐसे एक पूर्व छात्र मिले हैं, जिनको अंतरराष्ट्रीय कंपनी जगत के, कौन क्या है उस तरह से अध्ययन किया - आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री, भारत के सबसे बड़े निजी बैंक के सीईओ, लेहमैन में अचल आय अनुसंधान के ग्लोबल अध्यक्ष, क्रेडिट सुइस फर्स्ट बोस्टन के प्रबंध निदेशक, भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी के सीईओ, सी.के प्रह्लाद ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने दुनिया को 'कोर सक्षमता' की अवधारणा दी।