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संदेश

निदेशक का संदेश

अपने अस्तित्व के पाँच दशकों से भी अधिक समय में, भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएमए) ने शिक्षण एवं प्रशिक्षण के उन अग्रणियों, उद्यमियों, एवं प्रबंधकों की वचनबद्धता को साबित किया है जिन्होंने समाज के निर्णाण में सार्थक योगदान दिया है। इस वचनबद्धता ने आईआईएमए को विश्व के सर्वोत्तम व्यावसायिक-स्कूलों के समूह में पहचान दिलाने के लिए प्रेरित किया है। संस्थान और इसके स्नातकों की सफलता इसकी अनूठी शिक्षण प्रद्धति में निहित है। देश में कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए, संस्थान ने 1970 के दशक में इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक द्वि-वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम की शुरूआत की। कृषि-व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपी-एबीएम) का उद्देश्य कृषि, खाद्य, ग्रामीण एवं संबंधित क्षेत्रों के लिए प्रबंधन, वित्त तथा परामर्शन में कैरियर के लिए छात्रों को तैयार करना रहा है। इन वर्षों में, इस कार्यक्रम से स्नातक छात्रों ने कृषि-व्यवसाय एवं संबंधित क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एड्यूनिवर्सल, फ़्रान्स द्वारा जारी वैश्विक कृषि-व्यवसाय एवं खाद्य उद्योग प्रबंधन रैकिंग में यह कार्यक्रम लगातार प्रथम स्थान पर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि यह इस क्षेत्र के अग्रणियों को शिक्षित करने में प्रमुख बना रहे। यह कार्यक्रम इस क्षेत्र की आवश्यक प्रबंधकीय अवधारणाओं, उपकरणों, एवं तकनीकों को व्यापक प्रदर्शन प्रदान करता है। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को अभिनव ग्रामीण निमज्जन मॉड्यूल के माध्यम से ग्रामीण परिवेश, समाज, व संस्थाओं से भी परिचित कराता है जिसमें छात्र जीवंत परियोजनाओं पर कार्य करते हैं और यहाँ चार सप्ताह व्यतीत करते हैं। ग्रामीण निमज्जन छात्रों को ज़मीनी हकीकतों एवं व्यापक ग्रामीण बाजार की बाधाओं के करीब लाता है, इससे इन्हें अपने भविष्य के निर्णयों को दृढ़ आधार प्रदान करने का मौका मिलता है।
पीजीपी-एबीएम विशेषतया नेतृत्व प्रतिभा की उच्च क्षमता पैदा करने के अनुरूप तैयार किया गया है जो इस महत्त्वपूर्ण क्षेत्र की आवश्यकता है। मुझे विश्वास है कि इस कार्यक्रम के स्नातक भारत एवं पूरे विश्व में खाद्य तथा कृषि-व्यवसाय उद्योग का नेतृत्व करने में योगदान देंगे।

प्रोफ़ेसर आशीष नन्दा


पीजीपी-एबीएम अध्यक्ष का संदेश

खाद्य एवं कृषि-व्यवसाय, अर्थव्यवस्था की दृष्टि से सबसे बड़े और सामाजिक रूप से महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है, जो बाज़ारों के वैश्विकीकरण, प्रौद्योगिकियों में निरंतर प्रगति, परिवर्तनशील नीति वातावरण, जनसांख्यिकीय पैटर्न, तथा आधुनिक आपूर्ति श्रृंखला एवं कृषि-खाद्य बाज़ारों के उद्भव के कारण निरंतर बदलते व्यवसाय वातावरण का सामना कर रहा है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 12 प्रतिशत कृषि से है परन्तु आधे जितना कार्यबल तथा दो तिहाई से भी अधिक जनसंख्या आज भी कृषि पर निर्भर है। इसीलिए कृषि-खाद्य क्षेत्र का तेज़ी से विकास अधिक समावेशी एवं टिकाऊ विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है।
शुरूआत से ही संस्थान ने न्यून प्रबंधित परन्तु सामाजिक रूप से महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों – खासकर खाद्य एवं कृषि-व्यवसाय – से संबंधित प्रबंधकीय समस्याओं को सन् 1961 में हुई अपनी स्थापना के समय से ही अपने एक महत्त्वपूर्ण हिस्से के रूप में स्वीकार किया है और कृषि-व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता व विशेषज्ञता को आधार दिया है। आईआईएमए विश्व के उन गिने-चुने प्रबंधन स्कूलों में से एक है जो प्रबंधन में दो वर्षीय कृषि-व्यवसाय स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपी-एबीएम) पेश करता है। यह क्षेत्र-विशेष कार्यक्रम, अन्य कई कृषि-व्यवसाय कार्यक्रमों की तुलना में इसलिए महत्वपूर्ण है कि इस कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में खाद्य एवं कृषि-व्यवसाय पर केन्द्रित संस्कृति व प्रवीणता वाले आईआईएमए के "प्रबंधन" में दृढ़ता से जुड़ी अग्रणी बढ़त प्रबंधकीय नींव है। इस कार्यक्रम का मुख्य तत्व कृषि उत्पादन, इनपुट आपूर्ति, कृषि-प्रसंस्करण, विपणन, व समर्थन सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पहुँच बढ़ाने के बजाय अलग एवं विशिष्ट गतिविधियों के रूप में इस क्षेत्र का पूर्ण दृष्टिकोण है।
इस कार्यक्रम को विश्व स्तर पर कृषि-व्यवसाय एवं खाद्य उद्योग प्रबंधन कार्यक्रमों में एद्युनिवर्सल, फ़्रान्स द्वारा लगातार प्रथम स्थान पर रैंककृत किया गया है। यह कार्यक्रम कृषि-व्यवसाय प्रबंधन में अग्रणी बना रहे और इस क्षेत्र के निर्णयकर्ताओं को शिक्षित करने में यह प्रमुख कार्यक्रम बना रहे इस लक्ष्य के साथ इसे विकसित किया गया है।
पीजीपी-एबीएम विशेष रूप से इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की आवश्यकता और प्रबंधकीय प्रतिभा की उच्च क्षमता के उत्पादन के अनुरूप है जो चुनौतीपूर्ण वातावरण में भारत के खाद्य एवं कृषि-व्यवसाय उद्योगों का नेतृत्व करेगा। कृषि, खाद्य, अर्थशास्त्र, वाणिज्य एवं अन्य विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभागियों को यह कार्यक्रम और भी अधिक शिक्षण अनुभव प्रदान करके समृद्ध बनाता है। आईआईएमए का कठोर व अकादमिक अनुशासन उद्योग में नेतृत्व के पदों को सँभालने और परिवर्तन के प्रतिनिधि निर्मित करने के लिए पीजीपी-एबीएम के प्रतिभागियों को तैयार करता है।
मैं इस अवसर पर आपको परिसर पर भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता हूँ। हम आपके संगठन के साथ परस्पर लाभकारी एवं स्थायी रिश्ते के लिए तत्पर हैं।

प्रोफ़ेसर विजय पॉल शर्मा