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पुरस्कार

 


  • प्रोफेसर अनिल गुप्ता को 20 मार्च 2015 को आईआईएमए पूर्वछात्र वीवीईएफ उत्कृष्ट शोधकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
  • प्रोफेसर सरल मुखर्जी को 20 मार्च 2015 को मार्टी मन्नारिया गुरुनाथ उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
  • प्रोफेसर निहारिका वोहरा को 20 मार्च 2015 को फिलिप थॉमस मेमोरियल केस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
  • प्रोफ़ेसर पी.आर. शुक्ला को 21 मार्च, 2014 को प्रथम आईआईएमए पूर्वछात्र वीवीईएफ़ उत्कृष्ट शोधकर्त्ता पुरस्कार से नवाजा गया। प्रोफ़ेसर शुक्ला काफी ख्याति प्राप्त एवं सम्माननीय विद्वान हैं, और आईआईएमए तथा वैश्विक रूप से अनुसंधान की उच्चतम परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी विद्वत्ता में जलवायु परिवर्तन तथा ऊर्जा, संसाधन प्रबंध, पर्यावरणीय स्थिरता, विकास और पदानुक्रमित गणितीय मॉडलिंग शामिल हैं। शीर्ष श्रेणी की साथी-समीक्षित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके लगभग 50 लेख प्रकाशित हुए हैं, और 12 पुस्तकों के सह-लेखक रह चुके हैं और लगभग 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिवेदन कर चुके हैं। अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए उन्हें भारत के प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया था और अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन पैनल (आईपीसीसी) के मुख्य सदस्य रहे थे तथा इस पैनल को सन् 2007 में नॉबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रोफ़ेसर शुक्ला का अनुसंधान पर प्रभाव और विचारों की व्यापकता कई डॉक्टरेट छात्रों के माध्यम से दिखता है जिनके वे मार्गदर्शक रहे हैं।

यह पुरस्कार विद्या वर्धिनी शिक्षा प्रतिष्ठान द्वारा  दिया जाता है। प्रति वर्ष, किसी एक संकाय को अपने स्थायी अनुसंधान योगदान और/अथवा परम्परागत तरीके से हटके किये हुए महत्त्वपूर्ण अनुसंधान योगदान को सम्मानित करने के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।
 
  • प्रोफ़ेसर सरल मुखर्जी को 21 मार्च, 2014 को मार्टी मन्नारिया गुरुनाथ उत्कृष्ट शिक्षक अवॉर्ड प्रदान किया गया। प्रोफ़ेसर मार्टी सुब्रह्मणियम (सन् 1967-69 बैच पूर्वछात्र) द्वारा अपने पिता श्री मन्नारिया गुरुनाथ जो एक शिक्षक थे उनकी स्मृति में स्थापित यह अवॉर्ड उत्कृष्ट शिक्षक के लिए प्रदान किया जाता है। वर्तमान में प्रोफ़ेसर मार्टी सुब्रह्मणियम न्यूयॉर्क युनिवर्सिटी में स्टर्न बिज़नेस स्कूल में वित्त और अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत हैं।

प्रति वर्ष, जिन संकाय सदस्य ने दीक्षांत समारोह तक स्नातक हो रहे बैच को शिक्षा दी हो ऐसे किसी एक संकाय सदस्य को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

  • प्रोफ़ेसर विशाल गुप्ता के अनुसंधान "लिंकिंग लीडरशिप टू एम्प्लॉयी क्रियेटिविटी थ्रू वर्क मोटिवेशन, सायकोलोजिकल कैपिटल एंड ऑर्गेनाइजेशनल जस्टिस : ए स्टडी ऑफ़ इंडियन आर. एंड डी. प्रोफ़ेशनल्स" को नेतृत्व तथा संगठन विकास श्रेणी में 2013 ऐमरेल्ड/ईएफ़एमडी उत्कृष्ट डॉक्टरेट अनुसंधान अवॉर्ड के विजेता के तौर पर पसंद किया गया।
  • प्रोफ़ेसर जी. रघुराम को 18 जनवरी, 2014 को कांडला में एक्ज़िम न्यूज़ द्वारा आयोजित गुजरात जंक्शन 2014 में "आजीवन उपलब्धि पुरस्कार" से नवाजा गया।
  • प्रोफ़ेसर अजीत एन. माथुर को ग्वालियर में पीआईएमजी में आयोजित 5वेँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 10 जनवरी, 2014 को "प्रेस्टिज अवॉर्ड 2014" से सम्मानित किया गया।
  • प्रोफ़ेसर विजय पॉल शर्मा को ऊर्वरक राज्य सहायता मुद्दों पर कार्य करने के लिए भारतीय ऊर्वरक संघ (एफ़एआई) की तरफ से "श्रीराम अवॉर्ड" से सम्मानित किया गया।
  • पिछले शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रोफ़ेसर राम मोहन तुरागा और प्रोफ़ेसर वैभव भमौरिया द्वारा डिज़ाइनकृत एवं पढ़ाये गये "प्रबंध स्थिरता" शीर्षक से पीजीपी-2 पाठ्यक्रम को दक्षिण कैरोलिना युनिवर्सिटी में डार्ला मूर बिज़नेस स्कूल द्वारा दिये जा रहे व्यवसाय पाठ्यों में स्थिरता मुद्दों के लिए पेज प्राइज़ के लिए विजेता के रूप में पसंद किया गया। यह एक विश्व-स्तरीय प्रतियोगिता है जिसमें व्यवसाय स्कूलों के प्रासंगिक पर्यावरणीय मुद्दों पर अभिनव पाठ्यक्रम/पाठ्यों का अमल किया जाता है।